ऐसी कि तैसी..!
सुहागरात के दिन पत्नी अपने भारी भरकम शादी के वस्त्रों को निकाल कर फ़ेंक रही थी और हलके वस्त्र धारण कर रही थी !
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तभी पति महोदय की एंट्री हुई और उन्होंने कपड़ों के ढेर को देखा !
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पत्नी ने पति की तरफ तिरछी नजरों से देखते हुए कहा –
“पता है न क्या करना है ?”
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पति ( बाहर भागते हुए ) – “ऐसी कि तैसी,
मैं इतनी रात में कपडे कभी नहीं धोऊंगा… बस !”
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तभी पति महोदय की एंट्री हुई और उन्होंने कपड़ों के ढेर को देखा !
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पत्नी ने पति की तरफ तिरछी नजरों से देखते हुए कहा –
“पता है न क्या करना है ?”
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पति ( बाहर भागते हुए ) – “ऐसी कि तैसी,
मैं इतनी रात में कपडे कभी नहीं धोऊंगा… बस !”