# आज का ज्ञान #
# आज का ज्ञान #
जिस प्रकार पाप का घड़ा भरते ही, मनुष्य की “मृत्यु” हो जाती है,
उसी प्रकार…
खुशियों का घड़ा भरते ही “शादी” हो जाती है…
“ज्ञान समाप्त”
जिस प्रकार पाप का घड़ा भरते ही, मनुष्य की “मृत्यु” हो जाती है,
उसी प्रकार…
खुशियों का घड़ा भरते ही “शादी” हो जाती है…
“ज्ञान समाप्त”