आज कल के बच्चे!!

आज कल के बच्चे कम नंबर
आने पर आत्महत्या कर लेते हैं 

एक हमारा टाइम था, जब  

हमारे नंबर देख के मास्टर सहाब 
की इच्छा होती थी मरने की

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